UPTET 2026 Syllabus आयोग ने आधिकारिक Information Booklet में पूरी तरह जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के Adv. No. 01/UPTET/2026 के अनुसार Paper 1 (कक्षा 1 से 5) और Paper 2 (कक्षा 6 से 8) का पूर्ण पाठ्यक्रम नीचे विस्तार से दिया गया है।
महत्वपूर्ण बातें:
- दोनों पेपर में 150 MCQ, 150 अंक, 150 मिनट
- निगेटिव मार्किंग बिल्कुल नहीं
- भाषा माध्यम: हिंदी + अंग्रेजी (भाषा विषय को छोड़कर)
UPTET 2026 Exam Pattern – Paper 1 vs Paper 2 (एक नजर में)
| विषय | Paper 1 (कक्षा 1-5) | Paper 2 (कक्षा 6-8) |
|---|---|---|
| बाल विकास एवं शिक्षण विधि | 30 अंक | 30 अंक |
| भाषा प्रथम (हिंदी) | 30 अंक | 30 अंक |
| भाषा द्वितीय (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत) | 30 अंक | 30 अंक |
| विषय-विशेष | गणित (30) + EVS (30) | 60 अंक (गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन) |
| कुल | 150 अंक | 150 अंक |
1. UPTET 2026 Paper 1 Syllabus (कक्षा 1 से 5) – पूरी डिटेल
सभी 5 विषय अनिवार्य हैं
I. बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ (30 अंक)
क) विषय-वस्तु
- बाल विकास का अर्थ, आवश्यकता तथा क्षेत्र, बाल विकास की अवस्थाएँ (शारीरिक विकास, मानसिक विकास, संवेगात्मक विकास, भाषा विकास- अभिव्यक्ति क्षमता का विकास, सृजनात्मकता एवं सृजनात्मक क्षमता का विकास)
- बाल विकास के आधार एवं उनको प्रभावित करने वाले कारक-वंशानुक्रम, वातावरण (पारिवारिक, सामाजिक, विद्यालयीय, संचार माध्यम)
सीखने का अर्थ तथा सिद्धान्त
- अधिगम (सीखने) का अर्थ, प्रभावित करने वाले कारक, अधिगम की प्रभावशाली विधियाँ
- अधिगम के नियम- थार्नडाइक के सीखने के मुख्य नियम एवं अधिगम में उनका महत्व
- अधिगम के प्रमुख सिद्धान्त तथा कक्षा शिक्षण में इनकी व्यावहारिक उपयोगिता (थार्नडाइक का प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धान्त, पावलोव का सम्बद्ध प्रतिक्रिया का सिद्धान्त, स्किनर का क्रिया प्रसूत अधिगम सिद्धान्त, कोहलर का सूझ या अन्तर्दृष्टि का सिद्धान्त, पियाजे का सिद्धान्त, व्योगोत्स्की का सिद्धान्त)
- सीखने का वक्र- अर्थ एवं प्रकार, सीखने में पठार का अर्थ और कारण एवं निराकरण
शिक्षण, शिक्षण विधाएँ
- शिक्षण का अर्थ तथा उद्देश्य, सम्प्रेषण, शिक्षण के सिद्धान्त, शिक्षण के सूत्र, शिक्षण प्रविधियाँ, शिक्षण की नवीन विधाएँ (उपागम), सूक्ष्म शिक्षण एवं शिक्षण के आधारभूत कौशल
समावेशी शिक्षा-निर्देशन एवं परामर्श
- शैक्षिक समावेशन से अभिप्राय, पहचान, प्रकार, निराकरण (अपवंचित वर्ग, भाषा, धर्म, जाति, क्षेत्र, वर्ण, लिंग, शारीरिक दक्षता, मानसिक दक्षता)
- समावेशन के लिए आवश्यक उपकरण, सामग्री, विधियाँ, टी०एल०एम० एवं अभिवृत्तियाँ
- समावेशित बच्चों का अधिगम जाँचने हेतु आवश्यक टूल्स एवं तकनीकी
- समावेशित बच्चों के लिए विशेष शिक्षण विधियाँ (ब्रेललिपि आदि)
- समावेशी बच्चों हेतु निर्देशन एवं परामर्श- अर्थ, उद्देश्य, प्रकार, विधियाँ, आवश्यकता एवं क्षेत्र
- परामर्श में सहयोग देने वाले विभाग/संस्थाएँ: मनोविज्ञानशाला उ०प्र० प्रयागराज, मण्डलीय मनोविज्ञान केन्द्र, जिला चिकित्सालय, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण तन्त्र, समुदाय एवं विद्यालय की सहयोगी समितियाँ, सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन
- बाल-अधिगम में निर्देशन एवं परामर्श का महत्व
ख) अधिगम और अध्यापन
- बालक किस प्रकार सोचते और सीखते हैं? बालक विद्यालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों असफल होते हैं?
- अधिगम और अध्यापन की बुनियादी प्रक्रियाएँ, बालकों की अधिगम कार्यनीतियाँ, सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में अधिगम
- एक समस्या समाधानकर्ता और एक वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बालक
- बालकों में अधिगम की वैकल्पिक संकल्पना, अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में बालक की त्रुटियों को समझना
- बोध और संवेदनाएँ
- प्रेरणा और अधिगम
- अधिगम में योगदान देने वाले कारक- निजी एवं पर्यावरणीय
II. भाषा प्रथम – हिंदी (30 अंक)
क) विषय-वस्तु
- अपठित अनुच्छेद
- हिंदी वर्णमाला (स्वर, व्यंजन)
- वर्णों के मेल से मात्रिक तथा अमात्रिक शब्दों की पहचान
- वाक्य रचना
- हिंदी की सभी ध्वनियों के पारस्परिक अंतर की जानकारी (विशेष रूप से श, ष, स, ङ, ञ, ण, ऋ, क्ष, छ, ङ आदि)
- हिंदी भाषा की सभी ध्वनियों, वर्णों, अनुस्वार, अनुनासिक एवं चन्द्रबिन्दु में अंतर
- संयुक्ताक्षर और अनुनासिक ध्वनियों के प्रयोग से बने शब्द
- सभी प्रकार की मात्राएँ
- विराम चिह्न (अल्प विराम, अर्धविराम, पूर्णविराम, प्रश्नवाचक, विस्मयबोधक)
- विलोम, समानार्थी, तुकांत, अतुकांत, समान ध्वनियों वाले शब्द
- संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया एवं विशेषण के भेद
- वचन, लिंग एवं काल
- प्रत्यय, उपसर्ग, तत्सम, तद्भव, देशज शब्दों की पहचान एवं उनमें अंतर
- लोकोक्तियाँ एवं मुहावरों के अर्थ
- संधि (स्वर संधि, व्यंजन संधि, विसर्ग संधि)
- वाच्य, समास एवं अलंकार के भेद
- कवियों एवं लेखकों की रचनाएँ
ख) भाषा विकास का अध्यापन
- अधिगम एवं अर्जन
- भाषा अध्यापन के सिद्धान्त
- सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं
- मौखिक एवं लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए व्याकरण की भूमिका
- एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ, भाषा की कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ एवं विकार
- भाषा कौशल
- भाषा बोधगम्यता एवं प्रवीणता का मूल्यांकन (बोलना, सुनना, पढ़ना, लिखना)
- अध्यापन-अधिगम सामग्रियाँ (पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषी संसाधन)
- उपचारात्मक अध्यापन
III. भाषा द्वितीय (30 अंक)
अंग्रेजी
- Unseen Passage
- The Sentences (Subject and Predicate, Kinds of Sentences)
- Parts of Speech (Kinds of Noun, Pronoun, Adverb, Adjective, Verb, Preposition, Conjunction)
- Tenses (Present, Past, Future)
- Articles, Punctuation
- Word Formation
- Active & Passive Voice
- Singular & Plural, Gender
उर्दू
- अपठित अनुच्छेद
- जबान की फन्नी महारतों की जानकारी
- मशहूर अदीबों और शायरों की हयात व रचनाओं की जानकारी
- मुक्तालिफ असनाफ-ए-अदब (मजमून, अफसाना, मर्सिया, मसनवी दास्तान आदि)
- सही इमला व तलफ्फुज की मश्क
- इस्म, जमीर, सिफत, मुज्तरद अल्फाज, वाहिद, जमा, मुजक्कर, मुअन्नस आदि
- लुत्फे (तशबीह, इस्तिआरा, तलमीह, मरातुनजीर आदि)
- मुहावरे, तिब्बुल अमसाल की जानकारी
- मुक्तालिफ समाजी मसायल (माहौलियाती आलूदगी, जिन्सी नाबराबरी, तालीम बराए अमन, तगजिया आदि)
- नज्मों, कहानियों, हिकायतों और संस्मरणों में मौजूद समाजी एवं अख्लाकी अकदार को समझना
संस्कृत
- अपठित अनुच्छेद
- संज्ञाएँ (अकारांत पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग, ईकारांत, उकारांत, ऋकारांत आदि)
- सर्वनाम, क्रिया, अव्यय
- संधि (सरल शब्दों की संधि एवं उनका विच्छेद)
- संख्या, लिंग, वचन
- शरीर के प्रमुख अंगों के संस्कृत नामों का प्रयोग
- कवियों एवं लेखकों की रचनाएँ
IV. गणित (30 अंक)
क) विषय-वस्तु
- संख्याएँ तथा संख्याओं का जोड़, घटाना, गुणा, भाग
- लघुतम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्तक
- भिन्नों का जोड़, घटाना, गुणा व भाग
- दशमलव- जोड़, घटाना, गुणा व भाग
- ऐकिक नियम
- प्रतिशत
- लाभ-हानि
- साधारण ब्याज
- ज्यामिति (त्रिभुज, वृत्त, कोण)
- धन (रुपया-पैसा)
- मापन (समय, तौल, धारिता, लंबाई, ताप)
- परिमिति (त्रिभुज, आयत, वर्ग, चतुर्भुज)
- कैलेंडर
- आंकड़े
- आयतन, धारिता (घन, घनाभ)
- क्षेत्रफल (आयत, वर्ग)
- रेलवे या बस समय-सारिणी
- आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण एवं निरूपण
ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे
- गणितीय/तार्किक चिन्तन की प्रकृति
- पाठ्यचर्या में गणित का स्थान
- गणित की भाषा
- सामुदायिक गणित
- औपचारिक एवं अनौपचारिक पद्धतियों के माध्यम से मूल्यांकन
- शिक्षण की समस्याएँ
- त्रुटि विश्लेषण तथा अधिगम एवं अध्यापन के प्रासंगिक पहलू
- नैदानिक एवं उपचारात्मक शिक्षण
V. पर्यावरणीय अध्ययन (30 अंक)
क) विषय-वस्तु
- परिवार
- भोजन, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता
- आवास
- पेड़-पौधे एवं जंतु
- हमारा परिवेश
- मेला
- स्थानीय पेशे से जुड़े व्यक्ति एवं व्यवसाय
- जल
- यातायात एवं संचार
- खेल एवं खेल भावना
- भारत (नदियाँ, पर्वत, पठार, वन, यातायात, महाद्वीप एवं महासागर)
- हमारा प्रदेश (नदियाँ, पर्वत, पठार, वन, यातायात)
- संविधान
- शासन व्यवस्था (स्थानीय स्वशासन, ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, जिला पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, जिला प्रशासन, प्रदेश की शासन व्यवस्था, व्यवस्थापिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका, राष्ट्रीय पर्व, राष्ट्रीय प्रतीक, मतदान, राष्ट्रीय एकता)
- पर्यावरण-अावश्यकता, महत्व एवं उपयोगिता, पर्यावरण-संरक्षण, पर्यावरण के प्रति सामाजिक दायित्वबोध, पर्यावरण संरक्षण हेतु संचालित योजनाएँ
ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे
- पर्यावरणीय अध्ययन की अवधारणा और व्याप्ति
- पर्यावरणीय अध्ययन का महत्व, एकीकृत पर्यावरणीय अध्ययन
- पर्यावरणीय अध्ययन एवं पर्यावरणीय शिक्षा
- अधिगम सिद्धान्त
- विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की व्याप्ति और सम्बन्ध
- अवधारणा प्रस्तुत करने के दृष्टिकोण
- क्रियाकलाप
- प्रयोग/व्यावहारिक कार्य
- चर्चा
- सतत व्यापक मूल्यांकन
- शिक्षण सामग्री/उपकरण
- समस्याएँ
2. UPTET 2026 Paper 2 Syllabus (कक्षा 6 से 8) – पूरी डिटेल
पहले तीन विषय Paper 1 के समान हैं।
I. बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ (30 अंक)
क) विषय-वस्तु
- बाल विकास का अर्थ, आवश्यकता तथा क्षेत्र, बाल विकास की अवस्थाएँ (शारीरिक विकास, मानसिक विकास, संवेगात्मक विकास, भाषा विकास, अभिव्यक्ति क्षमता का विकास, सृजनात्मकता एवं सृजनात्मक क्षमता का विकास)
- बाल विकास के आधार एवं उनको प्रभावित करने वाले कारक – वंशानुक्रम, वातावरण (पारिवारिक, सामाजिक, विद्यालयीय, संचार माध्यम)
सीखने का अर्थ तथा सिद्धान्त
- अधिगम (सीखने) का अर्थ, प्रभावित करने वाले कारक, अधिगम की प्रभावशाली विधियाँ
- अधिगम के नियम – थार्नडाइक के सीखने के मुख्य नियम एवं अधिगम में उनका महत्व
- अधिगम के प्रमुख सिद्धान्त तथा कक्षा शिक्षण में इनकी व्यावहारिक उपयोगिता – थार्नडाइक का प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धान्त, पावलोव का सम्बद्ध प्रतिक्रिया का सिद्धान्त, स्किनर का क्रिया प्रसूत अधिगम सिद्धान्त, कोहलर का सूझ या अन्तर्दृष्टि का सिद्धान्त, पियाजे का सिद्धान्त, व्योगोत्स्की का सिद्धान्त
- सीखने का वक्र – अर्थ एवं प्रकार, सीखने में पठार का अर्थ और कारण एवं निराकरण
शिक्षण, शिक्षण विधाएँ
- शिक्षण का अर्थ तथा उद्देश्य, सम्प्रेषण, शिक्षण के सिद्धान्त, शिक्षण के सूत्र, शिक्षण प्रविधियाँ, शिक्षण की नवीन विधाएँ (उपागम), सूक्ष्म शिक्षण एवं शिक्षण के आधारभूत कौशल
समावेशी शिक्षा-निर्देशन एवं परामर्श
- शैक्षिक समावेशन से अभिप्राय, पहचान, प्रकार, निराकरण (अपवंचित वर्ग, भाषा, धर्म, जाति, क्षेत्र, वर्ण, लिंग, शारीरिक दक्षता – दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित एवं वाक्/अस्थिबाधित, मानसिक दक्षता)
- समावेशन के लिए आवश्यक उपकरण, सामग्री, विधियाँ, टी०एल०एम० एवं अभिवृत्तियाँ
- समावेशित बच्चों का अधिगम जाँचने हेतु आवश्यक टूल्स एवं तकनीकी
- समावेशित बच्चों के लिए विशेष शिक्षण विधियाँ (ब्रेललिपि आदि)
- समावेशी बच्चों हेतु निर्देशन एवं परामर्श – अर्थ, उद्देश्य, प्रकार, विधियाँ, आवश्यकता एवं क्षेत्र
- परामर्श में सहयोग देने वाले विभाग/संस्थाएँ:
- मनोविज्ञानशाला उ०प्र०, प्रयागराज
- मण्डलीय मनोविज्ञान केन्द्र (मण्डल स्तर पर)
- जिला चिकित्सालय
- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षित डायट मेंटर
- पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण तन्त्र
- समुदाय एवं विद्यालय की सहयोगी समितियाँ
- सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन
- बाल-अधिगम में निर्देशन एवं परामर्श का महत्व
ख) अधिगम और अध्यापन
- बालक किस प्रकार सोचते और सीखते हैं? बालक विद्यालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों असफल होते हैं?
- अधिगम और अध्यापन की बुनियादी प्रक्रियाएँ, बालकों की अधिगम कार्यनीतियाँ, सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में अधिगम
- एक समस्या समाधानकर्ता और एक वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बालक
- बालकों में अधिगम की वैकल्पिक संकल्पना, अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में बालक की त्रुटियों को समझना
- बोध और संवेदनाएँ
- प्रेरणा और अधिगम
- अधिगम में योगदान देने वाले कारक – निजी एवं पर्यावरणीय
II. भाषा प्रथम – हिंदी (30 अंक)
क) विषय-वस्तु
- अपठित अनुच्छेद
- संज्ञा और संज्ञा के भेद
- सर्वनाम और सर्वनाम के भेद
- विशेषण और विशेषण के भेद
- क्रिया और क्रिया के भेद
- वाच्य – कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य
- हिंदी भाषा की समस्त ध्वनियाँ, संयुक्ताक्षरों, संयुक्त व्यंजनों, अनुस्वार और चन्द्रबिन्दु में अंतर
- वर्णक्रम, पर्यायवाची, विपरीतार्थक, अनेकार्थक, समानार्थी शब्द
- अव्यय के भेद
- अनुस्वार, अनुनासिक का प्रयोग
- र के विभिन्न रूपों का प्रयोग
- वाक्य निर्माण (सरल, संयुक्त और मिश्रित वाक्य)
- विराम चिह्नों की पहचान और उपयोग
- वचन, लिंग और काल का प्रयोग
- तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी शब्द
- उपसर्ग और प्रत्यय
- शब्द युग्म
- समास, समास विग्रह और समास के भेद
- मुहावरे और लोकोक्तियाँ
- क्रिया सकर्मक और अकर्मक
- संधि और संधि के भेद (स्वर, व्यंजन और विसर्ग संधियाँ)
- अलंकार (अनुप्रास, यमक, श्लेष, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति)
ख) भाषा विकास का अध्यापन
- अधिगम और अर्जन
- भाषा अध्यापन के सिद्धान्त
- सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं
- मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर विवेचित संदर्भ
- एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ, भाषा की कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार
- भाषा कौशल
- भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन (बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना)
- अध्यापन-अधिगम सामग्रियाँ (पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषी संसाधन)
- उपचारात्मक अध्यापन
III. भाषा द्वितीय – ENGLISH (30 अंक)
क) विषय-वस्तु
- Unseen Passage
- Nouns and its Kinds
- Pronoun and its Kinds
- Verb and its Kinds
- Adjective and its Kinds & Degrees
- Adverb and its Kinds
- Preposition and its Kinds
- Conjunction and its Kinds
- Interjection
- Singular and Plural
- Subject and Predicate
- Negative and interrogative sentences
- Masculine and Feminine Gender
- Punctuations
- Suffix with Root words
- Phrasal Verbs
- Use of Somebody, Nobody, Anybody
- Part of Speech
- Narration
- Active voice and Passive voice
- Antonyms & Synonyms
- Use of Homophones
- Use of request in sentences
- Silent Letter in words
IV. भाषा द्वितीय – उर्दू (30 अंक)
क) विषय-वस्तु
- अपठित अनुच्छेद
- जबान की फन्नी महारतों की जानकारी
- मुक्तालिफ असनाफ-ए-अदब (हमद, ग़ज़ल, क़सीदा, मर्सिया, मसनवी, गीत आदि) की समझ और उनके फर्क को समझना
- मुक्तालिफ शायरों, अदीबों की हालात-ए-जिंदगी से वाकिफियत और उनकी तसानीफ की जानकारी हासिल करना
- मुल्क की मुश्तरका तहजीब में उर्दू जबान की खिदमत और अहमियत से वाकिफियत हासिल करना
- इस्म और उसके अक़्साम, फ़ेल, सिफ़त, ज़मीर, तज़्कीर-ओ-तानीस, तज़ाद की समझ
- सही इमला और इराक की जानकारी होना
- मुहावरे और तिब्बुल अमसाल से वाकिफियत हासिल करना
- लुत्फ़ों की जानकारी होना
- सियासी, समाजी और अख़्लाकी मसाइल के तईं बेदार होना और उस पर अपना नज़रिया वाज़े रखना
V. भाषा द्वितीय – संस्कृत (30 अंक)
क) विषय-वस्तु
- अपठित अनुच्छेद
- संधि – स्वर, व्यंजन
- अव्यय
- समास
- लिंग, वचन और काल का प्रयोग
- उपसर्ग
- पर्यायवाची
- विलोम
- कारक
- अलंकार
- प्रत्यय
- वाच्य
- संज्ञाएँ – निम्नलिखित सभी शब्दों की सभी विभक्ति और वचनों के रूपों का ज्ञान:
- पुल्लिंग शब्द
- स्त्रीलिंग शब्द
- नपुंसकलिंग शब्द
- अकारांत पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग
- उकारांत पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग
- ऋकारांत पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग
- ईकारांत पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग
- सर्वनाम
- विशेषण
- धातु
- संख्याएँ
ख) भाषा विकास का अध्यापन
- अधिगम और अर्जन
- भाषा अध्यापन के सिद्धान्त
- सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं
- मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्भ
- एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ, भाषा की कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार
- भाषा कौशल
- भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन (बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना)
- अध्यापन-अधिगम सामग्री (पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषी संसाधन)
- उपचारात्मक अध्यापन
VI. गणित एवं विज्ञान (60 अंक)
1. गणित क) विषय-वस्तु
- प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ, परिमेय संख्याएँ
- पूर्णांक, कोटक, लघुतम समापवर्त्य और महत्तम समापवर्तक
- वर्गमूल
- घनमूल
- सर्वसमिकाएँ
- बीजगणित, अवधारणा – चर संख्याएँ, अचर संख्याएँ, चर संख्याओं की घात
- बीजीय व्यंजकों का जोड़, घटाना, गुणा और भाग, बीजीय व्यंजकों के पद और पदों के गुणांक, सजातीय और विजातीय पद, व्यंजकों की डिग्री, एक, दो और त्रिपदीय व्यंजकों की अवधारणा
- युगपत समीकरण, वर्ग समीकरण, रेखीय समीकरण
- समान्तर रेखाएँ, चतुर्भुज की रचना, त्रिभुज
- वृत्त और चक्रीय चतुर्भुज
- वृत्त की स्पर्श रेखाएँ
- वाणिज्य गणित – अनुपात, समानुपात, प्रतिशतता, लाभ-हानि, साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज, कर (टैक्स), वस्तु विनिमय प्रणाली
- बैंकिंग – वर्तमान मुद्रा, बिल तथा कैशमेमो
- सांख्यिकी – आंकड़ों का वर्गीकरण, पिक्टोग्राफ, माध्य, माध्यिका और बहुलक, बारंबारता
- पाई और दंड चार्ट, अवर्गीकृत आंकड़ों का चित्र
- संभावना (प्रायिकता) ग्राफ, दंड, आरेख तथा मिश्रित दंड आरेख
- कार्तीय तल
- क्षेत्रमिति (मैजूरमेंट)
- घातांक
ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे
- गणितीय/तार्किक चिन्तन की प्रकृति
- पाठ्यचर्या में गणित का स्थान
- गणित की भाषा
- सामुदायिक गणित
- मूल्यांकन
- उपचारात्मक शिक्षण
- शिक्षण की समस्याएँ
2. विज्ञान क) विषय-वस्तु
- दैनिक जीवन में विज्ञान, महत्त्वपूर्ण खोज, महत्त्व, मानव विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- रेशे और वस्त्र, रेशों से वस्त्रों तक (प्रक्रिया)
- सजीव, निर्जीव पदार्थ – जीव जगत, सजीवों का वर्गीकरण, जंतु और वनस्पति के आधार पर पौधों का वर्गीकरण और जंतुओं का वर्गीकरण, जीवों में अनुकूलन, जंतुओं और पौधों में परिवर्तन
- जंतु की संरचना और कार्य
- सूक्ष्म जीव और उनका वर्गीकरण
- कोशिका से अंगतंत्र तक
- किशोरावस्था, विकलांगता
- भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोग, फसल उत्पादन, नाइट्रो
- जंतुओं में पोषण
- पौधों में पोषण, जनन, लाभदायक पौधे
- जीवों में श्वसन, उत्सर्जन, लाभदायक जंतु
- मापन
- विद्युत धारा
- चुम्बकत्व
- गति, बल और यंत्र
- ऊर्जा
- कंप्यूटर
- ध्वनि
- स्थिर विद्युत
- प्रकाश और प्रकाश यंत्र
- जन चक्र
- वायु – गुण, संघटन, आवश्यकता, उपयोगिता, ओजोन परत, हरित गृह प्रभाव
- जल – आवश्यकता, उपयोगिता, स्रोत, गुण, प्रदूषण, जल-संरक्षण
- पदार्थ, पदार्थों के समूह, पदार्थों का पृथक्करण, पदार्थ की संरचना और प्रकृति
- पास-पड़ोस में होने वाले परिवर्तन, भौतिक और रासायनिक परिवर्तन
- अम्ल, क्षार, लवण
- ऊष्मा और ताप
- मानव निर्मित वस्तुएँ, प्लास्टिक, काँच, साबुन, मिट्टी
- खनिज और धातु
- कार्बन और उसके यौगिक
- ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत
ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे
- विज्ञान की प्रकृति और संरचना
- प्राकृतिक विज्ञान/लक्ष्य और उद्देश्य
- विज्ञान को समझना और उसकी सराहना करना
- दृष्टिकोण/एकीकृत दृष्टिकोण
- प्रेक्षण/प्रयोग/अन्वेषण (विज्ञान की पद्धति)
- अभिनवता
- पाठ्यचर्या सामग्री/सहायता सामग्री
- मूल्यांकन
- समस्याएँ
- उपचारात्मक शिक्षण
VII. सामाजिक अध्ययन (60 अंक)
क) विषय-वस्तु
I. इतिहास
- इतिहास जानने के स्रोत
- पाषाणकालीन संस्कृति, ताम्र पाषाणिक संस्कृति, वैदिक संस्कृति
- छठी शताब्दी ई.पू. का भारत
- भारत के प्रारंभिक राज्य
- भारत में मौर्य साम्राज्य की स्थापना
- मौर्योत्तरकालीन भारत, गुप्त काल, राजपूतकालीन भारत, पुष्यभूति वंश, दक्षिण भारत के राज्य
- इस्लाम का भारत में आगमन
- दिल्ली सल्तनत की स्थापना, विस्तार, विघटन
- मुगल साम्राज्य, संस्कृति, पतन
- यूरोपीय शक्तियों का भारत में आगमन और अंग्रेजी राज्य की स्थापना
- भारत में कंपनी राज्य का विस्तार
- भारत में नवजागरण, भारत में राष्ट्रवाद का उदय
- स्वाधीनता आंदोलन, स्वतंत्रता प्राप्ति, भारत विभाजन
- स्वतंत्र भारत की चुनौतियाँ
II. नागरिक शास्त्र
- हम और हमारा समाज
- ग्रामीण और शहरी समाज व रहन-सहन
- ग्रामीण व शहरी स्वशासन
- जिला प्रशासन
- हमारा संविधान
- यातायात सुरक्षा
- केंद्रीय व राज्य शासन व्यवस्था
- भारत में लोकतंत्र
- देश की सुरक्षा और विदेश नीति
- वैश्विक समुदाय और भारत
- नागरिक सुरक्षा
- दिव्यांगता
III. भूगोल
- सौरमंडल में पृथ्वी, ग्लोब – पृथ्वी पर स्थानों का निर्धारण, पृथ्वी की गतियाँ
- मानचित्रण, पृथ्वी के चार परिमंडल, स्थल मंडल – पृथ्वी की संरचना, पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप
- विश्व में भारत, भारत का भौतिक स्वरूप, मिट्टी, वनस्पति और वन्य जीव, भारत की जलवायु, भारत के आर्थिक संसाधन, यातायात, व्यापार और संचार
- उत्तर प्रदेश – भारत में स्थान, राजनीतिक विभाग, जलवायु, मिट्टी, वनस्पति और वन्यजीव, कृषि, खनिज, उद्योग-धंधे, जनसंख्या और नगरीकरण
- धरातल के रूप, बदलने वाले कारण (आंतरिक और बाह्य कारक)
- वायुमंडल, जलमंडल
- संसार के प्रमुख प्राकृतिक प्रदेश और जनजीवन
- खनिज संसाधन, उद्योग-धंधे
- आपदा और आपदा प्रबंधन
IV. पर्यावरणीय अध्ययन
- पर्यावरणीय, प्राकृतिक संसाधन और उनकी उपयोगिता
- प्राकृतिक संतुलन
- संसाधनों का उपयोग
- जनसंख्या वृद्धि का पर्यावरण पर प्रभाव, पर्यावरण-प्रदूषण
- अपशिष्ट प्रबंधन, आपदाएँ, पर्यावरणविद्, पर्यावरण के क्षेत्र में पुरस्कार, पर्यावरण दिवस, पर्यावरण कैलेंडर
V. गृहशिल्प/गृह विज्ञान
- स्वास्थ्य और स्वच्छता
- पोषण, रोग और उनसे बचने के उपाय, प्राथमिक उपचार
- खाद्य पदार्थों का संरक्षण
- प्रदूषण
- पाचन संबंधी रोग और सामान्य बीमारियाँ
- गृह प्रबंधन, सिलाई कला, धुलाई कला, पाक कला, बुनाई कला, कढ़ाई कला
VI. शारीरिक शिक्षा और खेल
- शारीरिक शिक्षा, व्यायाम, योग और प्राणायाम
- मार्चिंग, राष्ट्रीय खेल और पुरस्कार
- छोटे और मनोरंजक खेल, अंतरराष्ट्रीय खेल
- खेल और हमारा भोजन
- प्राथमिक चिकित्सा
- नशीले पदार्थों के दुष्परिणाम और उनसे बचाव के उपाय, खेलकूद, खेल प्रबंधन और नियोजन का महत्व
VII. संगीत
- स्वर ज्ञान
- राग परिचय
- संगीत में लय और ताल का ज्ञान
- तीव्र मध्यम वाले राग
- वंदना गीत/झंडा गान
- देशगान, देशगीत, भजन
- वन संरक्षण/वृक्षारोपण
- क्रियात्मक गीत
VIII. उद्यान विज्ञान और फसल संरक्षण
- मिट्टी, मृदा गठन, भू-परिशोधन, यंत्र, बीज, खाद उर्वरक
- सिंचाई, सिंचाई के यंत्र
- बाग लगाना, विद्यालय वाटिका
- झाड़ी और लताएँ, शोभा वाले पौधे, मौसमी फूल की खेती, फलों की खेती, शाक वाटिका, सब्जियों की खेती
- प्रजनन, कायिक प्रजनन
- फल परीक्षण, फल संरक्षण – जैम, जेली, सॉस, अचार बनाना
- जलवायु विज्ञान
- फसल चक्र
ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे सामाजिक अध्ययन की अवधारणा और पद्धति
- कक्षा की प्रक्रियाएँ, क्रियाकलाप और व्याख्यान
- विवेचित चिन्तन का विकास करना
- पूछताछ/अनुभवजन्य साक्ष्य
- सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन पढ़ाने की समस्याएँ
- प्रोजेक्ट कार्य
- मूल्यांकन
UPTET 2026 Syllabus को अच्छे से समझ लें। Paper 1 में EVS और Maths पर फोकस करें। Paper 2 में 60 अंक वाले विषय (गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन) को सबसे पहले पूरा करें।
UPTET 2026 परीक्षा तिथि: 02, 03 और 04 जुलाई 2026 आवेदन अंतिम तिथि: 26 अप्रैल 2026
आधिकारिक वेबसाइट: https://upessc.up.gov.in/
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